
हाथों या पैरों में झुनझुनी क्यों होती है? जानें कारण, इलाज और घरेलू उपाय
क्या आपको भी अक्सर ऐसा लगता है जैसे हाथों या पैरों में सुइयां चुभ रही हों? या अचानक झुनझुनी और सुन्नपन महसूस होता है? यह छोटी-सी परेशानी कई बार किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकती है। अगर आप इस झुनझुनी को बार-बार महसूस कर रहे हैं, तो इसे हल्के में न लें। आज हम इस लेख में जानेंगे कि हाथों या पैरों में झुनझुनी क्यों होती है, इसके पीछे कौन-कौन से कारण हो सकते हैं, और इसका इलाज व घरेलू उपाय क्या हैं।
हाथ-पैर में झुनझुनी के संभावित कारण (Common Causes)
- स्लिप डिस्क या नस दबना (Nerve Compression):
रीढ़ की हड्डी या गर्दन से जुड़ी नसें दबने से हाथों या पैरों में सुन्नपन और झुनझुनी हो सकती है। - डायबिटिक न्यूरोपैथी:
लंबे समय तक अनियंत्रित डायबिटीज के कारण नसों को नुकसान होता है, जिससे झुनझुनी होती है। - विटामिन B12 की कमी:
यह विटामिन तंत्रिका प्रणाली के लिए बेहद जरूरी होता है। इसकी कमी से झुनझुनी, थकान और कमजोरी होती है। - स्लीपिंग पोजिशन:
बहुत देर तक एक ही मुद्रा में बैठने या सोने से नसों पर दबाव पड़ता है जिससे अस्थायी झुनझुनी हो सकती है। - हाई ब्लड प्रेशर या खराब ब्लड सर्कुलेशन:
रक्त प्रवाह में रुकावट आने से हाथ-पैरों में झुनझुनी महसूस हो सकती है। - थायरॉइड की समस्या:
हाइपोथायरॉइडिज्म से नसों पर असर पड़ता है, जिससे यह लक्षण उभर सकता है। - कार्पल टनल सिंड्रोम:
खासकर उन लोगों में जो कंप्यूटर या फोन का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं, ये स्थिति आम है।
लाइफस्टाइल टिप्स (Lifestyle Tips to Manage Tingling):
- रोज़ 30 मिनट की हल्की एक्सरसाइज़ करें, जैसे वॉकिंग या योग।
- पर्याप्त नींद लें और तनाव को कम करें।
- विटामिन्स युक्त संतुलित आहार लें — खासतौर पर विटामिन B12, B6 और E।
- लंबे समय तक एक ही पोजिशन में ना बैठे रहें।
- ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रखें।
- नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और थायरॉइड की जांच करवाएं।
मेडिकल ट्रीटमेंट ऑप्शंस (Medical Treatment Options):
- न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श:
अगर झुनझुनी लगातार बनी रहती है, तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलें। - ब्लड टेस्ट:
B12, थायरॉइड, शुगर लेवल आदि की जांच जरूरी होती है। - फिजियोथेरेपी:
नसों और मांसपेशियों की मजबूती के लिए फिजियोथेरेपी काफी फायदेमंद है। - दवाइयाँ:
न्यूरोपैथी के लिए दवाएं जैसे प्रेगाबालिन, गाबापेंटिन आदि डॉक्टर की सलाह से ली जा सकती हैं। - HIPEC Surgery (जब ज़रूरी हो):
अगर किसी गंभीर कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान झुनझुनी हो रही हो, तो HIPEC surgery के बाद होने वाले नसों के प्रभाव पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।
निष्कर्ष (Conclusion):
हाथों या पैरों में झुनझुनी को नज़रअंदाज़ करना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। यह लक्षण शरीर के अंदर छिपी किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। सही समय पर जांच, डॉक्टर से सलाह और लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर आप इस परेशानी से राहत पा सकते हैं। अगर आप लगातार झुनझुनी का अनुभव कर रहे हैं, तो आज ही Fortis Hospital या अपने नज़दीकी न्यूरोलॉजिस्ट से अपॉइंटमेंट बुक करें।
FAQs: हाथों और पैरों की झुनझुनी से जुड़े आम सवाल
Q1. बार-बार झुनझुनी होना कितना खतरनाक है?
अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है, तो यह नसों में खराबी का संकेत हो सकता है। डॉक्टर से मिलें।
Q2. क्या यह डायबिटीज का लक्षण हो सकता है?
हां, डायबिटिक न्यूरोपैथी के कारण यह लक्षण उभर सकते हैं।
Q3. कौन से टेस्ट कराने चाहिए?
विटामिन B12, थायरॉइड, ब्लड शुगर, और नर्व कंडक्शन टेस्ट (NCS) की सलाह दी जाती है।
Q4. क्या घरेलू इलाज भी कारगर है?
हल्के मामलों में जीवनशैली में बदलाव और पौष्टिक आहार से राहत मिल सकती है, लेकिन सही निदान और ट्रीटमेंट जरूरी है।