
सरोगेसी बनाम IVF: जानिए अंतर, फायदे और सही विकल्प
जब आप पैरेंट बनने की कोशिश कर रहे होते हैं और रास्ते में मेडिकल जटिलताएं आती हैं, तो सरोगेसी और IVF जैसे विकल्प आशा की किरण बनकर सामने आते हैं। लेकिन सवाल उठता है – इनमें सही विकल्प क्या है?
यह लेख आपको सरोगेसी और IVF के बीच के अंतर, इनके लाभ और सही चुनाव करने में मदद करेगा – ताकि आप अपने पेरेंटहुड के सपने को साकार कर सकें, भावनात्मक रूप से जुड़कर और जानकारी के साथ।
सरोगेसी क्या है?
सरोगेसी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक महिला (सरोगेट मदर) किसी अन्य व्यक्ति या दंपति के लिए बच्चे को गर्भ में धारण करती है। यह तब उपयोगी होती है जब:
- महिला का गर्भधारण करना संभव नहीं होता
- बार-बार गर्भपात का सामना करना पड़ता है
- गर्भाशय से जुड़ी कोई गंभीर समस्या होती है
सरोगेसी के दो प्रकार होते हैं:
- जेस्टेशनल सरोगेसी (Gestational): सरोगेट के अंडाणु का उपयोग नहीं होता।
- ट्रेडिशनल सरोगेसी (Traditional): सरोगेट के अंडाणु का ही प्रयोग होता है।
IVF क्या है?
इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें महिला के अंडाणु और पुरुष के शुक्राणु को लैब में मिलाया जाता है और तैयार भ्रूण को महिला के गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है।
IVF तब कारगर है जब:
- ट्यूब्स ब्लॉक हों
- PCOS हो
- पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता कम हो
- उम्र अधिक हो
सरोगेसी और IVF में अंतर
सरोगेसी के फायदे
- बांझपन के गंभीर मामलों में उम्मीद की किरण
- LGBTQ+ कपल्स के लिए विकल्प
- माँ की जान को खतरा हो तो सुरक्षित विकल्प
IVF के फायदे
- मेडिकल साइंस का भरोसेमंद विकल्प
- पहली बार पैरेंट बनने वालों के लिए सरल
- सफलता दर लगातार बढ़ रही है
मेडिकल ट्रीटमेंट ऑप्शन
- उर्वरता जांच (Fertility Test)
- हार्मोनल थैरेपी
- एग डोनेशन / स्पर्म डोनेशन विकल्प
- लेप्रोस्कोपी / हिस्टेरोस्कोपी (जांच हेतु)
लाइफस्टाइल टिप्स:
- संतुलित आहार लें (फोलिक एसिड, विटामिन D)
- तनाव से दूर रहें – योग और मेडिटेशन करें
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
- नियमित व्यायाम और नींद सुनिश्चित करें
- डॉक्टर के परामर्श से सप्लीमेंट लें
निष्कर्ष (Conclusion):
माता-पिता बनने की यात्रा भावनात्मक, शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती है – लेकिन सरोगेसी और IVF जैसे विकल्प इस सफर को आसान बना सकते हैं।
जरूरी है कि आप डॉक्टर से परामर्श लें, विकल्पों को समझें और अपने लिए सबसे सुरक्षित और सुखद विकल्प चुनें।
अगर आप सरोगेसी या IVF को लेकर उलझन में हैं, तो अभी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें – क्योंकि हर पल कीमती है और हर उम्मीद की एक नई शुरुआत हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या सरोगेसी कानूनी है भारत में?
हाँ, सरोगेसी भारत में कानूनी है लेकिन इसके लिए विशिष्ट शर्तें होती हैं जैसे केवल दंपति ही सरोगेसी करा सकते हैं।
Q2. IVF की सफलता दर कितनी है?
यह उम्र, हेल्थ और डॉक्टर की एक्सपर्टीज़ पर निर्भर करती है। औसतन 40% तक सफलता मिलती है।
Q3. IVF कितने चक्र में सफल होता है?
कुछ मामलों में पहला ही चक्र सफल होता है, लेकिन 2-3 चक्र भी लग सकते हैं।
Q4. सरोगेसी में बच्चे का बायोलॉजिकल संबंध किससे होता है?
अगर जेस्टेशनल सरोगेसी है तो बच्चे का बायोलॉजिकल संबंध इच्छुक माता-पिता से होता है।